टाइफाइड बुखार कारणों, लक्षण और उपचार

Typhoid बुखार यह भारत में अधिक प्रमाण में पाया जानेवाला एक खतरनाक संक्रामक रोग हैं। इसे हिंदी में ‘मियादी बुखार’ नाम से भी जाना जाता हैं। Typhoid बुखार यह Salmonella Typhi नाम के बैक्टीरिया के कारण होनेवाला संक्रामक रोग हैं। हर वर्ष Typhoid बुखार के कारण लगभग 2 लाख से ज्यादा लोगो की मृत्यु होती हैं।

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Typhoid बुखार का कारण क्या है और यह कैसे फैलता हैं ?

  • Typhoid बुखार का फैलाव संक्रमित पानी और खाद्यपदार्थ से होता हैं। 
  • Typhoid बुखार से पीड़ित व्यक्ति के मल, मूत्र और रक्त में यह बैक्टीरिया रहता हैं। पीड़ित व्यक्ति के मल-मूत्र से दूषित पानी के कारण Typhoid बुखार फैलने की अधिक संभावना रहती हैं। 
  • Typhoid बुखार दूषित पानी से नहाने से और ऐसे दूषित पानी से खाद्यपदार्थ धोकर खाने से भी फैलता हैं। 
  • यह बैक्टीरिया पानी में कई हफ्तों तक जीवित रह सकता हैं। लगभग 3% से 5% Typhoid बुखार से पीड़ित व्यक्ति कोई लक्षण न होने के बावजूद भी Typhoid बुखार फैला सकते हैं। 
  • Typhoid बुखार से पीड़ित व्यक्ति के झूटे खाने-पिने से भी Typhoid हो सकता हैं।   
  • Typhoid बैक्टीरिया से संक्रमित रक्त लगाने से भी हो सकता हैं।  

Typhoid बुखार के लक्षण क्या हैं ?

Typhoid बुखार के निम्नलिखित लक्षण हैं :

  • नियमित बढनेवाला तेज बुखार
  • बदनदर्द 
  • कमजोरी 
  • सिरदर्द, पेट दर्द 
  • कम भूक लगना 
  • बच्चो में दस्त की शिकायत 
  • बड़ो में कब्ज की शिकायत 
  • बीमारी अधिक बढ़ जानेपर आंतो में अल्सर हो सकते है और इनके फट जाने पर operation की जरुरत पड़ सकती हैं। 

Typhoid बुखार का निदान / Diagnosis कैसे किया जाता हैं ?

Typhoid बुखार का निदान करने के लिए, Typhoid बुखार के लक्षण पाये जानेवाले व्यक्तिओ में निम्नलिखित जांच किये जाते है

  • Typhidot Test : रोगी के रक्त का नमूना एक किट में डालकर जांच की जाती हैं। इसका परिणाम Positive आनेपर Typhoid बुखार का निदान किया जाता हैं। 
  • Blood Culture : यह बिमारी के पहले हफ्ते में रक्त में Typhoid बुखार का बैक्टीरिया की मौजूदगी की जांच करने के लिए किया जाता हैं। 
  • Stool Culture : यह रोगी व्यक्ति के मल में Typhoid बुखार का बैक्टीरिया की मौजूदगी की जांच करने के लिए किया जाता हैं।  
  • WIDAL Test : इस जांच में रोगी व्यक्ति के रक्त की जांच की जाती हैं। इसमें O और H antigen में 180 से ज्यादा अनुपात आने पर Typhoid बुखार का निदान किया जाता हैं। 
  • Sonography / Xray : पीड़ित व्यक्ति पेट को अधिक पेट दर्द और उलटी होने पर आंतो में अल्सर का निदान करने हेतु यह जांच की जाती हैं।  

इनके अलावा भी रोगी के समस्या अनुसार अन्य जांच की जा सकती हैं।

Typhoid बुखार का ईलाज कैसे किया जाता हैं ?

  • Typhoid बुखार का ईलाज करने के लिए Antibiotics का इस्तेमाल किया जाता हैं। 
  • पहले के ज़माने लगभग 20% Typhoid बुखार के रोगियों की मृत्यु हो जाती थी परंतु अब ज्यादा असरदार Antibiotics का उपयोग करने के कारण सिर्फ 1 से 2% रोगियों की ही मृत्यु होती है और वह भी किसी बड़े complication के कारण होती हैं। 
  • अगर पीड़ित व्यक्ति को ज्यादा कमजोरी नहीं है और आहार अच्छे से ले रहा है तो घर पर भी Antibiotics दवा लेकर Typhoid बुखार का ईलाज किया जा सकता हैं। कम से कम 2 हफ्तों तक Typhoid बुखार की दवा लेना होता हैं। 
  • अधिक कमजोरी और उलटी, दस्त इत्यादि समस्या होने पर हॉस्पिटल में दाखिल होकर ईलाज कराना जरुरी होता हैं। 
  • Typhoid बुखार के कारण आंतो में अल्सर होने पर जरुरत पड़ने पर operation भी किया जाता हैं। 

Typhoid बुखार से बचने के लिए निम्नलिखित एहतियात बरतना चाहिए :

  • Typhoid vaccine / लसीकरण : Typhoid बुखार से बचने के लिए दो तरह की vaccine उपलब्ध हैं। पहले तरह की Typhoid vaccine में injection दिया जाता है। यह vaccine 2 वर्ष से ऊपर के आयु के व्यक्तिओ में ही दी जाती हैं। दूसरी तरह की Typhoid vaccine में 4 गोलिया दी जाती है जिसमे से एक गोली एक दिन छोड़कर (1, 3, 5, 7) खाना होता हैं। यह vaccine 6 वर्ष से ऊपर के व्यक्तिओ में ही दी जाती हैं। इन दोनों vaccine का असर 2 हफ्ते बाद होता है और Typhoid बुखार के खिलाफ कुछ प्रमाण में प्रतिरोध शक्ति का निर्माण होता हैं। याद रहे की यह दोनों vaccine से 100% सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती हैं।  
  • पानी : पिने के लिए हमेशा स्वच्छ पानी का उपयोग करे। अगर घर में RO नहीं है तो पानी को कम से कम 1 मिनिट उबाले और बाद में ठंडा होने के बाद में ही उपयोग करे। अगर कही बाहर सफ़र कर रहे है तो बोतलबंद पानी का उपयोग करे। घर में सब्जी / फल को साफ़ करने के लिए भी स्वच्छ पानी का ही इस्तेमाल करे। बाहर मिलने वाले बर्फ का इस्तेमाल न करे। 
  • हात धोना : हमेशा खाना बनाने या खाने से पहले और बाथरूम के बाद अच्छे साबुन से हात धोना चाहिए।हात धोते समय साबुन से अच्छा झाग बनाकर १५ सेकंड तक बहते पानी में हात को अच्छी तरह से धोए और बाद में स्वच्छ कपडे से हात को अच्छी तरह से साफ़ करे। नल बंद करने के लिए उसी साफ कपडे का इस्तेमाल करे जिससे हात को दुबारा दूषण (Contamination) न हो। अगर पानी उपलब्ध नहीं है तो अपने साथ हात साफ़ रखने के लिए Hand sanitizer पास रखे। 
  • आहार : घर में बना स्वच्छ, गर्म और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। बाजार में और रस्ते पर बिकनेवाले आहार पदार्थो से परहेज करे। 
  • रोगी : अगर आपको Typhoid बुखार हैं तो आपने हमेशा अपने हात साफ़ और स्वच्छ रखना चाहिए। आपके कपडे, चद्दर, तौलिया इत्यादि गर्म पानी और साबुन से धोना चाहिए। आपने अन्य खाद्य पदार्थो को नहीं छूना चाहिए और औरो के लिए खाना नहीं पकाना चाहिए।  

Post Author: ayurvedatips

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