अस्थमा (दमा) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

लक्षण

दमे की बीमारी में रोगी को सांस लेने में बहुत कठिनाई होती है । यह रोग धुएँ, धुल वाले वातावरण में अधिक होता है । रोगी को एक प्रकार का दौरा सा पङता है । इस दौरे के पड़ने से सांस लेने में छाती में दर्द व नाक में खुजली आदि होती है । रोगी अधिक देर तक सीधा नहीं बैठ पाता । धूम्रपान से यह बढ़ता है । रोगी को बहुत बेचैनी होती है तथा शरीर ठंडा पड़ जाता है ।

अस्थमा (दमा) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार, asthama (dama) ke kaaran, lakshan aur aayurvedik upachaar, Asthma (asthma), causing symptoms and Ayurvedic treatments

कारण

इस रोग के कारण श्वास रोग जैसे होते हैं ।

उपचार

250 ग्राम शक्कर व 50 ग्राम सिरका मिला दें इसके पश्चात् इस शरबत में लहसुन के उबले हुए टुकडे डाल दे तथा ठंडा करके मर्तबान में रख लें ।प्रतिदिन एक कली लहसुन की निकाल कर एक चम्मच शरबत के साथ लें । ऐसा करने से दमा रोग में अवश्य लाभ होगा ।

  • लहसुन दमा वालों के लिए अत्यन्त उपयोगी है । लहसुन के रस को गर्म पानी के साथ देने से श्वास, दमा में लाभ होता है।
  • एक कप गर्म पानी में 10 बूंद लहसुन का रस, दो चम्मच शहद नित्य प्रातः दमा के रोगी को पीना चाहिए जो लाभदायक है । इसे दौरे के समय भी पी सकते हैं ।

अस्थमा (दमा) के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार, asthama (dama) ke kaaran, lakshan aur aayurvedik upachaar, Asthma (asthma), causing symptoms and Ayurvedic treatments

Post Author: ayurvedatips

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *