अंजीर द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा व घरेलू उपचार के बारे में जानकारी

ayurvedatips-anjeer, ayurvedatips, ayurveda tips, अंजीर द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा व घरेलू उपचार के बारे में जानकारी, बवासीर, श्वेत कुष्ठ, गांठ व फौड़े, anjeer dvaara aayurvedik chikitsa va ghareloo upachaar ke baare mein jaanakaaree, bavaaseer, shvet kushth, gaanth va phaude, Information about Ayurvedic medicine and home remedies by fig, hemorrhoids, leprosy, lethargy and bloating
अंजीर भारत का एक आम फल है, जिसे साधारण रूप में भी सेवन किया जाता है, किन्तु औषिध के रूप में भी यह अत्यन्त उपयोगी पदार्थ है। भिन्न रोगों से नीचे दिए गए उपायों से लाभ प्राप्त किया जा सकता है ।

बवासीर

दो सुखे अंजीर को शाम को पानी में भिगो देना चाहिए । सवेरे उनको खा लेना चाहिए । इसी प्रकार सवेरे को भिगोये हुए संध्या को खा लेना चाहिए । इस प्रकार 10-12 दिन खाने से खूनी बवासीर में लाभ पहुंचता है ।

श्वेत कुष्ठ

सफेद कोढ़ के आरम्भ में ही अंजीर के पत्तों का रस लगाने से उसका बढ़ना बन्द होकर आराम होने लगता है ।

गांठ व फौड़े

सूख या हरे अंजीर पीसकर जल में औटाकर गुनगुना लेप करने से गांठों व फोडों की सूजन बिखर जाती है ।

ayurvedatips-anjeer, ayurvedatips, ayurveda tips, अंजीर द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा व घरेलू उपचार के बारे में जानकारी, बवासीर, श्वेत कुष्ठ, गांठ व फौड़े, anjeer dvaara aayurvedik chikitsa va ghareloo upachaar ke baare mein jaanakaaree, bavaaseer, shvet kushth, gaanth va phaude, Information about Ayurvedic medicine and home remedies by fig, hemorrhoids, leprosy, lethargy and bloating

Post Author: ayurvedatips

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *